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सहारनपुर: साइबर क्राइम पुलिस ने फर्जी सिम कार्ड गैंग का किया पर्दाफाश, इंटरनेशनल साइबर स्लेवरी रैकेट से था कनेक्शन

सहारनपुर पुलिस को साइबर अपराध के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। थाना साइबर क्राइम सहारनपुर की टीम ने दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों — थाईलैंड, वियतनाम, लाओस और कंबोडिया

सहारनपुर: साइबर क्राइम पुलिस ने फर्जी सिम कार्ड गैंग का किया पर्दाफाश, इंटरनेशनल साइबर स्लेवरी रैकेट से था कनेक्शन

सहारनपुर | 10 जुलाई 2025

सहारनपुर पुलिस को साइबर अपराध के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। थाना साइबर क्राइम सहारनपुर की टीम ने दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों — थाईलैंड, वियतनाम, लाओस और कंबोडिया — में सक्रिय साइबर स्लेवरी और ठगी के नेटवर्क को भारतीय फर्जी सिम कार्ड सप्लाई करने वाले पॉइंट ऑफ सेल (POS) गैंग का भंडाफोड़ किया है।

इस पूरे मामले में 29 दिसंबर 2024 को थाना साइबर क्राइम में मुकदमा संख्या 92/24, धारा 318(4), 338 बीएनएस और 66डी आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने अब तक इस मामले में 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

आरोपियों पर आरोप है कि वे फर्जी आधार कार्डों में कूटरचना कर सैकड़ों की संख्या में सिम कार्ड एक्टिवेट करते थे और उन्हें इंटरनेशनल कॉल सेंटर व ठग गिरोहों को भेजते थे, जो भारत के लोगों से लोन ऐप, ठगी, ब्लैकमेलिंग और अन्य साइबर अपराधों में इनका इस्तेमाल करते थे।


🗣️ SSP आशीष तिवारी ने प्रेस वार्ता में किया खुलासा

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री आशीष तिवारी ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया:

“सहारनपुर साइबर क्राइम थाना पुलिस टीम ने एक ऐसे गैंग का पर्दाफाश किया है जो फर्जी आधार कार्डों के माध्यम से बड़ी संख्या में सिम कार्ड निकालकर उन्हें दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों में चल रहे साइबर स्लेवरी नेटवर्क तक पहुंचा रहा था। यह एक संगठित और खतरनाक गिरोह है, जिसका भारत के भीतर और बाहर फैला नेटवर्क जांच के दायरे में है।”

“साइबर फ्रॉड से बचने के लिए किसी के साथ भी अपना OTP, बैंक डिटेल्स या आधार संबंधित जानकारी साझा न करें। किसी भी साइबर अपराध की सूचना तुरंत राष्ट्रीय हेल्पलाइन 1930 या पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर दर्ज करें।”

आशीष तिवारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, सहारनपुर


👥 गिरफ्तार आरोपी इस प्रकार हैं:

  1. मोहत्सीन पुत्र इलयास – निवासी भनैड़ा, मंगलौर, हरिद्वार (पूर्व से जेल में बंद)

  2. विपिन कुमार – निवासी मुस्तफापुर मस्त, फतेहपुर, सहारनपुर

  3. सचिन कुमार – निवासी दुल्हैड़ी, बड़गांव, सहारनपुर

  4. हुमा – निवासी पाड़ली गुज्जर, मंगलौर, हरिद्वार

  5. अन्तरफा – निवासी टांडा बन्हेडा, मंगलौर, हरिद्वार

  6. साजन कौशिक – निवासी यमुनानगर, हरियाणा

  7. दुष्यंत – निवासी मुस्तफापुर मस्त, फतेहपुर, सहारनपुर

  8. मांगेराम – निवासी मुस्तफापुर मस्त, फतेहपुर, सहारनपुर


🔍 पुलिस जांच में सामने आए प्रमुख बिंदु:

▪️ POS एजेंटों द्वारा फर्जी दस्तावेजों पर सिम कार्ड एक्टिवेट किए गए।
▪️ एक सिम कार्ड को ₹1500 से ₹5000 तक में बेचा जाता था।
▪️ हवाला और क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय भुगतान प्राप्त किए जाते थे।
▪️ आरोपियों से बरामद मोबाइल, डाटा रजिस्टर, लैपटॉप और फर्जी आधार कार्ड जब्त किए गए हैं।
▪️ पूरे नेटवर्क की जांच उत्तर प्रदेश, दिल्ली-NCR, पंजाब व हरियाणा तक विस्तारित की गई है।


⚠️ क्या है साइबर स्लेवरी?

साइबर स्लेवरी वह स्थिति है जिसमें भारतीय या एशियाई नागरिकों को झूठे रोजगार के बहाने विदेश बुलाया जाता है और उन्हें अवैध कॉल सेंटरों में बंदी बनाकर साइबर ठगी के कार्यों में धकेल दिया जाता है। इन कॉल सेंटरों में इस्तेमाल होने वाले नंबर भारत से भेजे गए फर्जी सिम कार्ड होते हैं, ताकि उनकी लोकेशन ट्रेस न हो सके।


📢 पुलिस की अपील:

✅ केवल वैध दस्तावेजों पर ही सिम कार्ड लें
❌ OTP, आधार या बैंक विवरण किसी के साथ साझा न करें
📞 किसी भी साइबर धोखाधड़ी की सूचना 1930 पर दें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत करें


✍️ रिपोर्ट: एलिक सिंह
संपादक – वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़
उत्तर प्रदेश महासचिव – भारतीय पत्रकार अधिकार परिषद
📞 संपर्क: 8217554083

 

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